प्रदेश में बौद्ध सर्किट करें विकसित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By Vinay Pratap Yadav Apr 4, 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के विकास को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में भगवान बुद्ध का जिन स्थानों पर प्रभाव रहा है उन्हें बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएं। ऐसे स्थानों में उज्जैन सहित सांची के निकट सतधारा, सोनारी आदि का समावेश किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों को विश्वविद्यालय में लागू करने को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय सांची की कार्य परिषद की छठवीं बैठक गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में संपन्न हुई। बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आचार्य प्रो. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. वैद्यनाथ लाभ के साथ ही, साधारण परिषद के सदस्य प्रो. सत्य प्रकाश शर्मा, पद्मश्री श्री कपिल तिवारी, श्री अभय कात्यायन और प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिषद के सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों में शामिल रहे महाकात्यायन से संबंधित शोध कार्य भी प्रारंभ किया जाए। महाकात्यायन ने उज्जैन से लेकर मथुरा तक भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार किया था। वे तर्क और शास्त्रार्थ में अद्वितीय माने गए थे। बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति की उनकी कथा प्रेरक मानी गई है जो धैर्य, ज्ञान और आत्म-अनुशासन के मूल्यों की शिक्षा देती है।

नवम्बर में होगा बुद्धिस्ट सोसायटी का रजत जयंती सम्मेलन

बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी नवम्बर माह में भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज के रजत जयंती सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सम्मेलन के लिए आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के कुलगुरू ने विश्वविद्यालय द्वारा संपादित की जा रही अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी। वर्तमान में विश्वविद्यालय के बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन और लायब्रेरी भवन का कार्य भी पूर्णता की ओर है।

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